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Neptune(वरुण) ,,नेप्चून सूर्य से दूर हिसाब से सूर्य से दूरी के हिसाब से सौरमंडल का आठवां ग्रह है नेप्चून पृथ्वी के मुक़ाबले में सूरज से लगभग तीस गुना अधिक दूर है और यह सौरमंडल का चौथा सबसे बड़ा ग्रह है यूरेनस सबसे ठंडा ग्रह उसके बाद नेपच्यून ही ठंडा ग्रह है नेपच्यून सूर्य से सबसे ज्यादा दूर होने के कारण सबसे ठंडा ग्रह नहीं है क्योंकि नेपच्यून के अंदर कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड की कुछ मात्रा पाई जाती है वह सूर्य किरणों को अवशोषित कर लेती है या फिर ठीक है बहुत ज्यादा दूर होने के कारण इसको पृथ्वी से नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता पर यह पृथ्वी से देखने एक तारे की तरह दिखाई देता है टिमटिमाता हुआ इसका गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के समान है बताया जाता है कि नेपच्यून के ऊपर हवाएं बहुत तेज चलती है इन हवाओं की रफ्तार लगभग 2100 किलोमीटर प्रति घंटे की सबसे होती है यह पृथ्वी के मुकाबले बहुत ज्यादा है

Neptune(वरुण)  


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नेप्चून सूर्य से दूर हिसाब से सूर्य से दूरी के हिसाब से सौरमंडल का आठवां ग्रह है नेप्चून पृथ्वी के मुक़ाबले में सूरज से लगभग तीस गुना अधिक दूर है और यह सौरमंडल का चौथा सबसे बड़ा ग्रह है यूरेनस सबसे ठंडा ग्रह उसके बाद नेपच्यून ही ठंडा ग्रह है नेपच्यून सूर्य से सबसे ज्यादा दूर होने के कारण सबसे ठंडा ग्रह नहीं है क्योंकि नेपच्यून के अंदर कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड की कुछ मात्रा पाई जाती है वह सूर्य किरणों को अवशोषित कर लेती है या फिर ठीक है बहुत ज्यादा दूर होने के कारण इसको पृथ्वी से नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता पर यह पृथ्वी से देखने एक तारे की तरह दिखाई देता है टिमटिमाता हुआ इसका गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के समान है बताया जाता है कि नेपच्यून के ऊपर हवाएं बहुत तेज चलती है इन हवाओं की रफ्तार लगभग 2100 किलोमीटर प्रति घंटे की सबसे होती है यह पृथ्वी के मुकाबले बहुत ज्यादा है

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मंगल ग्रह पर क्या कभी परमाणु युद्ध हुआ था? क्या वहाँ कभी इंसान रहते थे? By Vnita kasnia Punjab मंगल ग्रह के चित्र को अगर आप देखते हैं तो आप पाएंगे कि मंगल ग्रह पर कुछ अजीब लाइंस खींची हुई है जो कि वाकई बहुत डरावनी और अजीब है।सबसे अजीब बात यह है कि यह इतनी बड़ी दूरी में बनी हुई है, कि इसे आसानी के साथ चित्र में देखा जा सकता है ( इस आर्टिकल्स के साथ मैंने कुछ चित्र को भी साझा किया है जो आप को समझने में मदद करेंगी ) कि मैं किस लाइंस की बात कर रहा हूं यह लाइंस इतनी बड़ी है जितना बड़ा पूरा रूस का भाग है जोकि देखने में प्राकृतिक बिल्कुल नहीं लगती।प्राचीन अंतरिक्ष विचारक भी मंगल ग्रह पर जीवन होने का दावा करते हैं माया सभ्यता ने भी मंगल ग्रह पर कभी जीवन होने की बात कही थी ।आधुनिक साइंटिस्ट मानते हैं कि मंगल ग्रह पर पृथ्वी की ही तरह जीवन था और टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट जैसा कि हम पृथ्वी पर इस दौर में अनुभव कर रहे हैं उससे भी कहीं अधिक एडवांस टेक्नोलॉजी मंगल ग्रह पर कभी हुई थी ।जैसा कि हम देख सकते हैं, आज के समय में हम परमाणु हथियारों से घिरे हुए हैं हर देश के पास कोई ना कोई एटॉमिक या परमाणु हथियार मौजूद है या होने वाला है और जो तेजी से बढ़ रहा है ।अंतरिक्ष विचारक मानते हैं कि मंगल ग्रह पर भी वहा के निवासियों में तनाव होने के बाद युद्ध हुआ होगा जिसमें मंगल ग्रह और वहां के निवासी तबाह हो गए, यह बातें बहुत गहन अध्ययन के बाद और मंगल की संरचना को देखने पर कही गई हालांकि इस बात पर कभी सत्यापन की मुहर नहीं लगी।कुछ अंतरिक्ष विचारकों का यह भी मानना है कि युद्ध के दौरान कुछ मंगल निवासी पृथ्वी पर आ गए और पृथ्वी कोई अपना निवास स्थान मान लिया। कुछ समय पहले इस पर एक प्रोग्राम जो "हिस्ट्री टीवी" पर आता है "एन्शियंट एलियन" में कही गई इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई जो कि अंतरिक्ष विद्वानों द्वारा बनाई गई थी।क्या यह सच है ? कि एक एडवांस सभ्यता एक एटॉमिक युद्ध में पूरी तरीके से समाप्त हो सकती है, क्योंकि नासा के वैज्ञानिकों ने भी मंगल की धरती पर रेडियो एक्टिव पार्टिकल्स प्राप्त किए जो कि काफी हद तक इशारा करते हैं कि मंगल ग्रह पर परमाणु युद्ध हुआ था।कुछ महीने पहले नासा के "आॉपरचुनेटी" रोवर ने बहुत सारी ऐसी कड़ियां पाई जो यह स्थिति को दर्शाती है कि मंगल ग्रह पर कुछ तो ऐसा हुआ था जिसकी वजह से वहां का पूरा प्रारूप ही बदल गया नासा ने यह माना है कि मंगल ग्रह पर कभी पानी मौजूद था हालांकि नासा मानता है कि हो सकता है अभी भी सॉलिड या आइस कैप्स की संरचना में पानी मंगल ग्रह पर सतह के नीचे मौजूद हो अगर मंगल ग्रह पर पानी मिल जाता है तो मंगल ग्रह को पृथ्वी की ही तरह फिर से बचाया जा सकता है क्योंकि मंगल और पृथ्वी में बहुत अंतर नहीं है चाहे वह वातावरण से संबंधित या फिर भौगोलिक स्थिति से संबंधित क्यों ना हो।क्या आपको लगता है ? कि हमारी दुनिया भी ऐसे ही एक परमाणु युद्ध की तरफ बढ़ रही है कुछ दिनों पहले ईरान ने (जो एक परमाणु देश नहीं है उसने) भी अमेरिका के ऊपर परमाणु हमला करने की बात कही इस बात से हम क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं क्या ईरान के पास भी परमाणु हथियार है जो ईरान ने दुनिया के नजरों से छुपा कर रखा है भूतकाल में भी ऐसी कई घटनाओं ने पूरी दुनिया को खतरे में डाल दिया था जैसे कि जापान पर दो परमाणु हमला।vnitakasniapunjab05114@gmail.comऔर भी बहुत सारी जानकारियां इस बात को और पुख्ता बनाती है कि मंगल ग्रह पर भी कभी जीवन था जो किसी भयानक स्थिति में मंगल ग्रह के जीवन को खत्म करके सन्नाटा छोड़ गया।ज्यादा जानकारी के लिए आप एंशियंट एलियंश सीज़न 14 - "न्युक्लियर वार्स आॉन मार्स" देख सकते हैं।अगर आपको यह जानकारी पसंद आई तो आप अपवोट कर के मुझे और लिखने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।धन्यवाद।

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Venus (शुक्र) शुक्र हमारे सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है यह सूर्य दुरी के हिसाब से सौरमंडल का दूसरा ग्रह है इसकी दुरी सूर्य से लगभग 82 करोड़ 10 लाख किलोमीटर है और यह ग्रह सबसे चमकीला ग्रह भी है यह पृथ्वी से भी देखा जा सकता है इस ग्रह का तापमान लगभग 437 डिग्री सेल्सियस है विनस ग्रह एक ऐसा ग्रह है जिस पर लगभग 1000 से ज्यादा ज्वालामुखी की खोज की है विनस का आकार लगभग हमारी धरती जितना है और यह अर्थ सिस्टर प्लेनेट के नाम से जाना जाता है विनस का वातावरण इतना घना है कि की अंदर की सतह को देख पाना लगभग नामुमकिन है और वीनस ऐसा प्लेनेट है जो यूरेनस को छोड़ कर बाकी दूसरे ग्रहों से उलटी दिशा की ओर घूमते हैं ग्रह काउंटर क्लॉक वाइज दी डायरेक्शन में घूमते हैं पर यूरेनस और वीनस क्लॉक वाइज डायरेक्शन घूमते हैं और विनस का भी कोई चंद्रमा नहीं है.By वनिता कासनियां पंजाब

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